गीतिका/ग़ज़ल

ग़ज़ल – अच्छी नहीं लगती

जला दे ज़िंदगी जो बिजलियाँ अच्छी नहीं लगती | बसेरों को मिटाती आँधियाँ अच्छी नहीं लगती | दिलों में प्यार भर लो प्यार के छेड़ो तराने फ़िर, कलेजा चीर दे वो बोलियाँ अच्छी नहीं लगती | जफा के दाग से दामन सदा रंगते रहे हो तुम- गुनाहों से भरी ये खूबियाँ अच्छी नहीं लगती | […]

गीतिका/ग़ज़ल

शहर में कहर हो गया है

शहर  में  धूपों  का कहर हो गया है कहाँ  ढूँढें  छाँव  बेनजर हो गया है। शहर  का  तासीर  गरम  हो  गया है यहाँ  हरियाली  बेअसर  हो  गया है। शहर का  सारा दरख़्त  कट  गया है यहाँ का आवाम  बेखबर हो गया है। शहर का चैन व शुकुन छीन  गया है शहर का जर्रा-जर्रा जहर हो […]

गीतिका/ग़ज़ल

आफताब

उस जहां में हिसाब होगा…..होने दीजिए । इस जहां में बेखौफ बेहिसाब जी लीजिए ।। यूं तो महफ़िल में लगाम कोई हिसाब नहीं, जिंदगी जश्न समझ…बेहिसाब पी लीजिए । बहुत हुआ रुख़ से नकाब हटाइए आहिस्ता, जमाने में जीना है तो..बे नकाब हो लीजिए । इंसान को हथकड़ी…बंदर के हाथ में छड़ी, वक्त ने करवट […]

गीतिका/ग़ज़ल

मेरे मन में आओ

कभी तो मेरे  आंगन में आओ । या फिर खुला दामन में आओ ।। टूटते हुए  बिखरते हुए मंजिल, धड़कते हुए धड़कन में आओ । पंख लग जाए परवानों में भी, अगर संग संग गगन में आओ । मंच मिल जाए अरमानों को भी, दिलवर दिल के मंचन में आओ । अर्पण में भी  तड़पन […]

गीतिका/ग़ज़ल

प्यार की पाठशाला

दुनिया यह दुनिया मृतक शरीर का मज़ार बस । प्यार की पाठशाला में हो जाए पल भर प्यार बस ।।  नफरतों को काटती है उल्फत की धार बस, प्यार करिए,  हर वक्त, प्यार करिए, प्यार बस । ये कहां की मुंसिफी है  ये कहां की रीत है, गुल उन्हें जो बेवफ़ा है, बावफा को ख़ार […]

गीतिका/ग़ज़ल

एक ग़ज़ल

दर बदर सर झुकाना पड़ेगा, नाम खुद का मिटाना पड़ेगा। मन तो लगता नहीं है जहां में, फिर भी दिल तो लगाना पड़ेगा। वक्त अपना कभी दूसरों का, सबसे मिलना – मिलाना पड़ेगा। कैसे हासिल करें कोई मंजिल, ख़तरे, जोख़िम उठाना पड़ेगा। कुछ न उतर मिलेगा, किसी से, पर भरोसा जताना पड़ेगा। अपने अधिकार, जो […]

गीतिका/ग़ज़ल

देश की खातिर

जवानी  में   जवां   होकर   जिए जो देश  की  खातिर समय   आया   तो  देदी जान  अपने देश की खातिर नहीं  चिंता  की  माँ  की , बाप की ,भाई व बहनों की पत्नी   बाल -बच्चे   छोड़   गए   वो  देश की खातिर गए   सीमा   पे   भूखे […]

गीतिका/ग़ज़ल

गज़ल

बिछड़ के तुझसे मुझे ये शहर अच्छा नहीं लगता, कहां सजदा करूँ कोई भी दर अच्छा नहीं लगता, ============================= मैं जिसके नाम से बदनाम दुनिया भर में हूँ यारो, उसे ही आज-कल मेरा ज़िकर अच्छा नहीं लगता, ============================= जिसे राहों में मैं आँसू बहाता छोड़ आया हूँ, बिना उस हमसफर के ये सफर अच्छा नहीं […]

गीतिका/ग़ज़ल

ग़ज़ल

दर्द की भी इक कहानी होती है। चेहरे ऊपर एक निशानी होती है। धूप छांव का यह सुंदर खेल है, मगर कुछ दिन की जवानी होती है। उड़ गए पक्षी तो पिंजरा खाली सा, हर जिस्म में रुह बिगानी होता है। खूबसूरत फूल गुलशन में खिलते, बारिशों की मेहरबानी होती है। दुश्मनी उस से ही […]

गीतिका/ग़ज़ल

गज़ल

तेरा चेहरा इन आँखों से भुलाया भी नहीं जाता, मुझसे खेला है तू ऐसे बताया भी नहीं जाता, ============================= सफाई हाथ की मशहूर है अपनी ज़माने में, सिवाय दिल के हमसे कुछ चुराया भी नहीं जाता, ============================= अपनी दास्तान ए दिल सुनाएं भी किसी को क्या, छुपाएं कैसे दिल में गम छुपाया भी नहीं जाता, […]