नवीनतम लेख/रचना

  • लघुकथा – आधा टिकिट

    लघुकथा – आधा टिकिट

    टिकिट कलक्टर रोहित आधा टिकिट देखकर बोला, ‘‘पूरा टिकिट लगेगा, 450 रूपए पेनल्टी निकालिए‘‘ समीर बोला, ‘‘सर आठ वर्ष का है‘‘, टिकिट कलक्टर बोले, ‘‘लेपटाप पर फेसबुक पर चेटिंग कर रहा है, 13 वर्ष से कम...

  • लघुकथा – फेसबुक

    लघुकथा – फेसबुक

    विनीता शिकायत कर रही थी, ‘‘अंकल, मैंने फेसबुक पर आप को इनवाइट किया था, पर आप मेरी शादी में फिर भी नहीं आए, क्यों?‘‘ अंकल बोले, ‘‘बेटी विनीता, फेसबुक पर मैंने लाइक तो कर ही दिया...


  •  “गीतिका”

     “गीतिका”

    समांत- अही, पदांत- है मात्रा भार-29,  16, 13 पर यति हर मौसम के सुबह शाम से, इक मुलाक़ात रही है सूरज अपनी चाल चले तो, दिन और रात सही है भोर कभी जल्दी आ जाती, तब...



  • आने वाला समय

    आने वाला समय

    तरुण को परेशान देख उसके चाचा ने पूँछा। “क्या बात है? किस सोंच में हो?” “अरे चाचा क्या बताएं। बड़ा बुरा वक्त आ गया है। अच्छाई तो जैसे रही ही नहीं।” चाचा ने पूँछा। “क्यों ऐसा...

  • खाली हाथ

    खाली हाथ

    विभा ने कॉलबेल बजाई। कुछ देर बाद दरवाज़ा खुला। बहन ने एक फीकी मुस्काने से स्वागत किया। वह भीतर जाकर बैठ गई। बैग नीचे अपने पैर के पास रख लिया। बच्चे नहीं दिख रहे थे। पहले...


  • कहां राजा भोज और कहां गंगू तेली

    कहां राजा भोज और कहां गंगू तेली

    राम राज्य नहीं अशोक राज्य चाहिए। यह बयान एक मंत्री ने डॉ अम्बेडकर जयन्ती पर एक सार्वजानिक कार्यक्रम में दिया। इस प्रकार के बयान देकर ऐसे राजनेता न केवल राजनीतिक अवसरवादिता का प्रदर्शन कर रहे है।...

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