नवीनतम लेख/रचना

  • जिंदगी

    जिंदगी

    कभी हंसती , कभी रोती , कभी तू मुस्कुराती है कभी खुलकर तू गाती है , कभी तू गुनगुनाती है तू जैसी भी है सुन ऐ जिंदगी हरदम लुभाती है ।। कभी गम के हैं साये...

  • उदास रात

    उदास रात

    चीज छोटी सी है ,लेकिन जनाब दे जाओ । मेरे टूटे हुए दिल का हिसाब दे जाओ। सिर्फ तन्हाई है बस दूर तक अंधेरा है, उदास रात है कोई तो ख्वाब दे जाओ। जिंदगी काली रात...


  •  “पिरामिड”

     “पिरामिड”

    हैं दीप माटी के कलाकारी चलता चाक शुभ दीपावली गर्व प्रकाश पर्व॥-1 ये तेल रोशनी दिया बाती सखा संगाती मलाई मिठाई रंगोली सुंदर है॥-2 महातम मिश्र, गौतम गोरखपुरी

  • दिवाली

    दिवाली

    इस दिवाली जलाना तो मिट्टी के दिये जलाना शायद किसी गरीब की झोपड़ी में अंधेरा ना रहे — आकाश राठोड

  • कविता

    कविता

    देहरी के दीप बन रात दिन जलते रहो तमस मिटाकर तुम रोशनी करते रहो राह के कांटे चुन तुम फूल बिछाते रहो सत्य पथ चुनो और उस पर चलते रहो जीवन मे सदा ही उच्च विचार...

  • ग़ज़ल

    ग़ज़ल

    उद्योग हो, भरोसा भी बेहद, अथाह हो मंजिल मिले उसी को सबल जिनमे चाह हो | इंसान की स्वतन्त्र, इबादत की राह हो इंसान के प्रकाश, ज्यों उजली निगाह हो | इंसान है समान, खुदा की...

  • लक्ष्मी पूजन का मर्म

    लक्ष्मी पूजन का मर्म

    दीपावली के दिन जो पूजा होती है उसे लक्ष्मी पूजन कहा जाता है। आज ज्यादातर लोग समझते हैं कि लक्ष्मी का अर्थ है धन की देवी। ये लक्ष्मी शब्द का बहुत संकुचित अर्थ हो गया। वास्तव...

  • अब दीपावली पर कानून का हथोडा

    अब दीपावली पर कानून का हथोडा

    आस्था और भावना का ही एक मौलिक रूप है धर्म, जिसमें परम्पराएँ, पूजा, उपासना निहित होती है जोकि  उत्सव, त्यौहार आदि के मनाने के तरीकों से लेकर पारम्परिक विधि ही धर्म का आंतरिक और बाहरी रूप...


राजनीति

कविता