गीतिका/ग़ज़ल

ग़ज़ल

तेरी जफ़ाओं से मुझे कोई गिला नहीं चाहा मैंने जो भी वो अक्सर मिला नहीं मुश्किल है राह फिर भी पा ही लूँगा मैं मंज़िल कमर खमीदा है मेरी हौसला नहीं रस्ता मेरे घर का बहार भूल चुकी है मुद्दत से इस वीराने में कोई गुल खिला नहीं हर आँख नम सी है यहाँ हर […]

धर्म-संस्कृति-अध्यात्म

विशेष सदाबहार कैलेंडर- 150

1.’Making’ a friend is an act of grace. ‘Having’ a friend is a gift. ‘keeping’ a friend is a virtue. ‘Being’ a friend is an honour. 2.0-5 years we experience many spills, 6-16 years we undergo many drills, 17-25 years we discover many thrills, 26-40 years we pay many bills, 41-60 years we take many […]

धर्म-संस्कृति-अध्यात्म

होली महोत्सव 

होली का त्यौहार है, प्यार और मनुहार का, रंगों का साथ है, अबीर और गुलाल का। होली हिन्दुओँ  का वैदिक कालीन पर्व है। इसका प्रारंभ कब हुआ, इसका कहीं उल्लेख  या कोई आधार नहीं मिलता है। परन्तु वेदों एवं पुराणों में भी इस त्यौहार के प्रचलित होने का उल्लेख मिलता है। प्राचीन काल में होली […]

गीतिका/ग़ज़ल

ग़ज़ल

हर कोई सिर्फ रौशनी से मिले। भूल कर भी न तीरगी से मिले। सादगी से उन्हें बड़ी उल्फत, जब मिले उनसे सादगी से मिले। उससे जब से हुई मेरी अनबन, फिरनहरगिज़ कभीकिसी सेमिले। आज लहजा अजीब था उसका, ये लगा एक अजनबी से मिले। बात अच्छी बुरी कहूँ हँस कर, ये हुनर मुझ को शायरी […]

हास्य व्यंग्य

हमहूं त देशहित में इहाँ फंसा पड़ा अही !

सीट-बेल्ट बाँधकर एक्सीलेटर दबाने के लिए जैसे ही उसपर पैर रखा, चिहुँक उठा, “ये ल्यौ ! घिसइया तो कार का बोनट पीट रहा है!” और “अरे गुरू! एत्ता दिन बाद अइन मउके पर मिल्यो, जइसे कहूँ हेराई गै रह्यो!” उवाचते हुए मिलने की खुशी भी जाहिर करता सुनाई दिया| मेरी यह बात कि “ड्यूटी पर […]

सामाजिक

बिखरता आत्मविश्वास

“एकलव्य “सी लगन है तुममें, तब कौन रोक सकेगा तुमको? “भीष्म “के जैसे दृढ़ प्रतिज्ञ तुम, तब कौन डिगा सकेगा तुमको? “लक्ष्य प्राप्ति” जब लक्ष्य तुम्हारा, तब बाधाएं रोके क्या तुमको? यदि “स्वयं “पर है पूर्ण भरोसा, तब किस बात का डर है तुमको? अंतः स्थल में आत्मविश्वास जागृत करती उपरोक्त पंक्तियों को समझने और […]

भाषा-साहित्य

मातृभाषा को संभालने की जरूरत

यूनेस्को ने 21 फरवरी को ‘मातृ भाषा दिवस’ मनाने का निश्चय करने के बाद भारत सरकार ने  भी  इसका फरमान जारी किया है और इसके आयोजन के निर्देश दिए हैं. शैक्षिक संस्थानों द्वारा आयोजित किए जाने वाले कृत्यों की सूची में अब यह भी शामिल है. ऐतिहासिक रूप से यह दिन पड़ोसी बांग्ला देश में […]

समाचार

‘विमल’ उपनाम से विभूषित हुए साहित्यकार राजीव डोगरा

साहित्य संगम संस्थान नई दिल्ली ने कांगड़ा के भाषा अध्यापक,कवि,लेखक,साहित्यकार राजीव डोगरा को उनकी साहित्यिक उपलब्धियों के लिए और लगातार साहित्य में आगे बढ़ने पर उनको ‘विमल’ उपनाम से विभूषित किया।गौरतलब है कि राजीव डोगरा को 2019 में अटल साहित्य गौरव सम्मान2019,मधुशाला साहित्य गौरव सम्मान 2019,साहित्य सारथी गौरव सम्मान 2019, हिंदी गौरव सम्मान 2019 और […]

लघुकथा

मार्गदर्शन

”माना कि समय रहते मैं इजहार नहीं कर पाया, इसका मतलब यह नहीं है, कि मुझे प्यार ही नहीं था ।” उसके मन में मंथन चल रहा था. ”लो बोलो, खुद ही मान रहे हो कि समय रहते तुम इजहार नहीं कर पाए और खुद को दोषी भी नहीं मान रहे हो ! सही समय […]

गीतिका/ग़ज़ल

वफ़ा ने मेरे

वफ़ा ने मेरे ———————————————— ख़फा ख़फा से हैं सब अपने बेगाने मेरे यही इनआम की है मुझको अदा ने मेरे इश्क उसने भी किया है वो मजे लेते हैं वो तो बरबाद किया मुझको वफ़ा ने मेरे दिया रकीब को कुछ ऐसे तआऱुफ मेरा शहर में दो चार ही हैं ऐसे दिवाने मेरे ख़त उनके […]