नवीनतम लेख/रचना

  • लघु कथा

    लघु कथा

    लघुकथा मेहनत की रोटी आज विद्यालय में सभी विद्यार्थी अपने अपने घर से स्वादिष्ट भोजन लेकर आए। गुरुजी ने सबका भोजन देखा और बोले आज तो सब मजेदार डिश लाये हैं। कोई मिठाई कोई पुड़ी कोई...


  • माँ वह है

    माँ वह है

    माँ वह है जो दिल की हर भावनाओं को समझ लेती है जो खुद दुख सहकर सुख की काया भरती है! माँ वह है जो गिरने पर संभाल लेती है जो उंगली पकड़कर चलना सिखाती है...

  • माँ

    माँ

    माँ मंदिर है मूर्ती है पूजा की थाल है ममता की मूरत है माँ जीवन में खिली कमल है फूलों की महक है सुंदर सी अरमान है धर आँगन की सूरत है माँ खुशियों की बौछार...

  • लेख– आधी आबादी एनीमिया की जकड़न में

    लेख– आधी आबादी एनीमिया की जकड़न में

    संविधान हमें जीवन जीने का अधिकार देता है। तो उसके साथ संविधान की धारा-47 सबके लिए स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया कराए जाने की बात करता है। जिसके मुताबिक सबको सस्ती, उत्तम स्वास्थ्य सेवाएं, सुरक्षित पेयजल, पर्याप्त पोषण...


  • ग़ज़ल 2

    ग़ज़ल 2

    मौत मेरी तुम्हें खींचकर लाएगी तुम न चाहो तो भी रूलाएगी । खींच लिए पांव क्यों तूने राहे बीच साथ चल न पाने की कसक सताएगी मैं नहीं पर लगता है तुम ही दिले दास्तां जहां...

  • ग़ज़ल 1

    ग़ज़ल 1

    खाली पहाड को बर्फानी मत लिख , सूखी नदी को भरी पानी मत लिख । हम जो सह गये चुप चाप सब कुछ , उस को हमारी नादानी मत लिख । हो गया झूठ हमारा सच...

  • कविता

    कविता

    वो पुरानी यादें वो पुराने कच्चे मकान । खेत खलियानों की जगह बंज़र मैदान ।। खींच कर ले आता है बरबस ही मुझे । बचपन की मीठी यादों का ज़हान ।। गिरते टूटते जगह जगह से...

  • सृजन सुख

    सृजन सुख

    जब मैं कविता में खोया होता हूँ तो नीला आसमान रंगों से भर उठता है हवा में महक आने लगती है मैं मदहोश हो जाता हूँ सामने फुदकती चिड़ियाँ मेरे भीतर संगीत भर देती हैं मेरी...

कविता