नवीनतम लेख/रचना

  • प्रयास

    प्रयास

    अभी-अभी पतिदेव की बाइ पास सर्जरी खत्म हुई थी. डॉक्टर ने भले ही ऑपरेशन सक्सेसफुल होने और पेशेंट को का खतरे से बाहर होना बताया था, घंटों अस्पताल की लॉबी में महज सब कुछ अच्छा होने...

  • कल और आज

    कल और आज

    कल आषाढी पूर्णिमा है !! निम्मी ! दही बरे और करायल (उरद पकौड़ी की सब्जी )जरूर बना लेना परसों से सावन लग जाएगा | खुद भी हरी चूड़ियाँ पहन लेना और मेरे लिये भी ले आना...

  • आँखे

    आँखे

    आँखे ****** हाय दिल को लुभा गयी आँखे | रोग दिल का लगा गयी आँखे | नींद पलकों से गुम हुयी अब तो – ख्वाब लाखों सजा गयीं आँखें | तीर ऐसा चला नज़र का था...

  • प्राइवेट जाॅब

    प्राइवेट जाॅब

    प्राइवेट जाॅब चाय का कप उठाने ही वाला था कि हाथ लगा और कप के भीतर की चाय अपनी सारी मर्यादाओ को तोड़ते हुये फर्श पर जा गिरी। एक ओर प्लेट और दूसरी ओर कप के...


  • मुक्तक

    मुक्तक

      जब जमाने से हर आस उठ सा गया अच्छा होने का एहसास उठ सा गया जब भलाई के बदले न हुआ कुछ भला तब भलाई से विश्वास उठ सा गया   शायद तन्हाईयां ही सबको...




  • जिंदगी और मौत

    जिंदगी और मौत

    ये जिंदगी चंद लम्हो की है यारो, आएगी मौत तो हाथ रहेगी खाली फिर काहे को हाय तौबा है यारो, काफी है जीने के लिए दाल रोटी की थाली। जिंदगी एक गुलामी है उम्र भर के...

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