एक दीप उनके लिए
आज गली-गली दीपों की पंक्ति सजी है,आँगन में फिर खुशियों की धून बजी है ;लेकिन मन के सूने कोने में
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Read Moreसोमवार को संयुक्त राष्ट्र महासभा में सुरक्षा परिषद में सुधार पर चल रही अंतर-सरकारी वार्ता की बैठक हुई। वहाँ भारत
Read Moreदुनिया तेजी से बदल रही है। विज्ञान, तकनीक, शिक्षा और संचार के क्षेत्र में अभूतपूर्व प्रगति हो रही है। बड़े-बड़े
Read Moreजैसे ही मैंने सुना कि बनारस हाईवे पर कबीरदास खड़े होकर दोहे सुना रहे है मैं चौका और तुरंत उस
Read More‘प्रज्ञान’ बाल साहित्यकार डॉ. सत्यवान ‘सौरभ’ का बाल कविताओं का सुंदर संग्रह है, जिसमें 51 बाल कविताएँ संकलित हैं। हरियाणा
Read Moreराजस्थान के ग्रामीण अंचलों में प्रकृति और मनुष्य का रिश्ता सदियों पुराना है। यहाँ की मिट्टी, जलवायु, वनस्पति और पारंपरिक
Read Moreलेखक से ही माँगते, पुस्तक छपने दाम।फिर लेखक से कह रहे, पाठक जुटें तमाम॥ लेखक लेखक पढ़ रहे, लेखक ही
Read Moreएक समय था जब गांवों का नाम लेते ही मन में हरे-भरे खेतों, पेड़ों की ठंडी छाया, खुले आसमान, स्वच्छ
Read Moreअभी मैं बिस्तर पर जाने की सोच ही रहा थाकि दुश्मन की तरह दुश्मन की तरहमित्र यमराज आ गए आ
Read Moreसुबह-सुबह फोन कर मित्र यमराज ने कहा प्रभु! सोच समझ कर शब्द बोलिए मैंने कहा क्या हो गया यार?भला तू
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