ग़ज़ल
उजले-काले चेहरे देखे,चेहरे भी कई दोहरे देखे। सच्ची बातें कह सकते थे,उन पर लाखों पहरे देखे। बहुत छिपाना चाहा उसने,लेकिन
Read Moreगांव का नाम था नरसिंहपुर। गांव के आखिरी छोर पर, टूटे हुए कुएं और बरगद के पेड़ के पास एक
Read Moreगद्दी पर जो बैठा है,वो केवल एक मुखौटा है,असली खेल तो कहीं दूर,उस तोते ने ही ओटा है,किस्सों का जादूगर
Read Moreरोज झुक जाता हूंमैं शिव के आगेमांग लेता हूंहर दुआ में तुम को। ना मांग पाऊंअगर कभी तुमकोतो मांग लेता
Read Moreदेश में जब भी नीट (NEET) परीक्षा होती है, उसके बाद केवल परिणामों की नहीं, बल्कि पूरी व्यवस्था की चर्चा
Read Moreसोनम की बेवफ़ाइयाँ, बन बैठीं पहचान।छल के रिश्ते टूटते, खो जाता सम्मान॥ मीठे-मीठे बोल थे, मन में छिपा प्रपंच।विश्वासों की
Read Moreप्रेमचंद थे कलम के धनी , जन-मन के थे सच्चे प्राण।शब्द-शब्द से भारत माँ का, किया जिन्होंने गौरव गान।होरी, धनिया,
Read Moreजीवन का सबसे कठिन संघर्ष अक्सर अस्पताल की चारदीवारी के भीतर लिखा जाता है, जहाँ हर साँस उम्मीद और समय
Read Moreचिकित्सा विज्ञान, बेहतर पोषण, स्वच्छता और आधुनिक तकनीक ने मानव जीवन की औसत आयु को पहले की तुलना में काफी
Read Moreजब भी जलवायु परिवर्तन या ग्लोबल वार्मिंग की चर्चा होती है, तो हमारा ध्यान कार्बन डाइऑक्साइड, ग्रीनहाउस गैसों, पिघलते ग्लेशियरों
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