ख़ामोश अकेलापन
सन्नाटे की छाया,पतझड़ पत्तों की तरह,अकेले कदम चलते। चाँदनी रात में,साया भी कहता है,कौन सुनता है दिल की। हवाओं की
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Read Moreहरियाणा के सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय मेले में झूला टूटने की घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया कि हमारे यहाँ
Read Moreज़िम्मेदारी निभानी पड़ेगी,ऐसे तुम्हें जाने न दूंगी।आज कम है तो क्या ग़म,हर पथ पे संग चलूंगी। दुल्हन सी मैं सजी
Read Moreधीरे-धीरे समझ रही हूॅं अब मैं हर एक श्र्वास,बसा है जिनमें “आनंद” प्राणों का मधुमास । जन्म जन्मांतर की यात्रा
Read Moreसुबह सुबह के सूरज की अल्हड़ किरणें घर के छोटे से जँगले के किवाड़ की झीरी में से घर के
Read Moreगाजियाबाद की सोसायटी में,रात दो बजे ऐसी घटना घटी।पूरे देश को दिया हैं झकझोर,तब तक भी नहीं हुई थी भोर।
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