बाल गीत- मीठी बोली
कोयल की है मीठी बोली,वाणी में जैसे मिश्री घोली। मीठी बोली लगती प्यारी,मन में मिठास की फुलवारी। जादू जगाते मीठे
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Read Moreरील-शोहरत का लगा, अब तो ऐसा रोग।लाज-शरम सब बेचते, वाह-वाह के लोग।। लाइक-शेयर की भूख में, बेच रहे संस्कार,प्रसिद्धि की
Read Moreसुरों की मल्लिका सुमन कल्याणपुर (सुमन हेमाड़ी)का जीवन और उनका संगीत-सफ़र सादगी, समर्पण और अद्वितीय उपलब्धियों की एक अनूठी मिसाल
Read Moreरिश्तों की चुपचापएक मीठी सी हवादिल को छू जाती है बिना कहे भी सबबहुत कुछ कह जाते हैंअपनेपन के रंग
Read Moreप्रकृति के इन मूक रक्षकों, आदि-काल से अडिग खड़े विराट महाशिखरों और अपनी अनंत हरी छांव में सदियों से एक
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Read Moreशहरों की अंधी दौड़ से जबथककर चूर होते हैं,तब इन अडिग पहाड़ों के हमथोड़े करीब होते हैं।ये वीर वन,ये ऊंचे
Read Moreशिक्षकीय जीवन में प्रतिदिन न जाने कितने चेहरे सामने आते हैं। कुछ चेहरे समय के साथ धुंधले पड़ जाते हैं,
Read Moreमाया में हर जन फँसा, बना हुआ है हीन।ठगनी उसको ठग रही, और संग में दीन।।और संग में दीन, कौन
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