ग़ज़ल
सामान पहले कीजिए मुस्कान के लिएथोड़ी मिठाई पेश है प्रधान के लिए चेहरे पे इक हसीन सी मुस्कान के लिएबज़्म-ए-तरब
Read Moreनहीं चाह अब रही हमारी, चाह रहे बस खुशी तुम्हारी। जीत हार अब पीछे छूटी, तुम्हारी जीत ही जीत हमारी।।
Read Moreझुक कर ज़रा वो मस्त निगाहें मिला के ला,साग़र में अक्स-ए-ज़ुल्फ़ का जादू जगा के ला। कहते हैं बज़्म-ए-शौक़ में
Read Moreआज का युग सोशल नेटवर्किंग साइट्स, इंटरनेट,एआइ का युग है और कहना ग़लत नहीं होगा कि आज के समय में
Read Moreव्याकुल मन को बॅंधाते धैर्य सावन की फरियाद लिए,जून तुम आए हो आशाओं का नव “आनंद” राग लिए । बीतेगी
Read Moreलोकतंत्र की सबसे बड़ी शक्ति जनमत होता है। यह जनमत किसी एक दिन या एक चुनाव के दौरान निर्मित नहीं
Read More‘सत्ता’ बदली, बदले चेहरे, बदले शासन के व्यवहार,सवाल वही फिर उठा, किसका घर-क्या?अधिकार। कहतीं राबड़ी दृढ़ स्वर में, “नहीं छोड़ेंगे
Read Moreपश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी की ऐतिहासिक विजय के बाद अमेरिका में बैठा भारत व हिन्दू विरोधी गैंग फिर
Read Moreमत भूल, नारी केवल घर की नहीं,समाज और सभ्यता के सम्मान की पहचान होती है,संस्कारों की धड़कन, परिवार की मुस्कान
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