सूर घनाक्षरी छंद
शीत ऋतु चली आई, कलियां ले अंगडाई, मनमीता सोहनी, सृष्टि हरषाई।। अलबेली मनहर, मन मोहिनी सुंदर, रंगोली फूलों की सजी,
Read Moreशीत ऋतु चली आई, कलियां ले अंगडाई, मनमीता सोहनी, सृष्टि हरषाई।। अलबेली मनहर, मन मोहिनी सुंदर, रंगोली फूलों की सजी,
Read Moreभारत माँ के लाल हैं, सक्षम, चौकस वीर। राष्ट्र हित रक्षण करे, सजग शूर रणधीर।। सजग शूर रणधीर, प्राण न्यौछावर
Read Moreझरने की झर झर-सा पावन स्वर, पंछी कलरव-सा मधुरिम स्वर, हो मन का स्वर निर्मल, निश्चल– मोहन की मुरली-सा मोहक
Read Moreहमारी अनमोल धरोहर है हमारी संस्कृति। हमारे आचार, विचार, व्यवहार, सन्मति।। हमारी अनमोल धरोहर है कुटुंब प्रणाली। प्रेम, स्नेह बंधन,
Read Moreबधाई हो बधाई.. विश्व विजेता बेटियों को बहुत-बहुत बधाई… जीत का जश्न मना, बांटो भर-भर बधाइयां। माँ भारती की दुलारियों
Read Moreकिया सोलह शृंगार, बिना हँसी मुस्कान, जैसे फीके पकवान।। दुख-दर्द की दवा, गम-तम में उजियार, मधुरिम मीठी मुस्कान।। बात-बात में
Read Moreआयी किरणें दमकती, चेतन सृष्टि उजास। आशा हिय में चहकती, जीवन ज्योति प्रभास।। जीवन ज्योति प्रभास, झरे नित प्रेमिल झरना।
Read More