ममता की छाँव में
ममता की छाँव में, मिलता जग का मान,माँ के चरणों में सदा, बसता है सम्मान॥ आँचल की उस ओट में,
Read Moreममता की छाँव में, मिलता जग का मान,माँ के चरणों में सदा, बसता है सम्मान॥ आँचल की उस ओट में,
Read Moreछपकर बिकते थे कभी, सच के थे अख़बार,अब तो बिककर छप रहे, कलम है शर्मसार॥ सच की कीमत लग गई,
Read Moreजिनके पास हों एक से एक बढकरअत्यंत ही कुशल रणनीतिकारतब आगे भी ऐसे ही चमत्कारिकपरिणामों के लिए रहिये तैयार ।।
Read Moreझूठों के दरबार में, सच बैठा है मौन,घेरे घोर उदासियाँ, सुनता उसकी कौन॥ मंचों पर सच हारता, झूठ करे अभिनंदन,सिक्कों
Read Moreलगता खूब अजीब है, रिश्तों का संसार,अपने ही लटका रहे, गर्दन पर तलवार॥ चेहरों पर मुस्कान है, भीतर गहरा वार,मीठी
Read Moreपास रहते न जाने कब ये दूरी हो गई,ना जाने क्यूँ ये कहानी फिर अधूरी हो गई। समय के फेरों
Read Moreसमय तुम्हारा जो लगे, करने में श्रृंगार,स्वयं-ज्ञान में लग सके, हो नारी उद्धार॥ हे नारी, पहचान तू, अपने मन का
Read Moreकिस क़दर टूटा हूँ, तुमको क्या बताऊँ,जिस्म छलनी छलनी, तुमको कैसे बताऊँ? जबसे दी तुमने क़सम भूलने की,दिया था वास्ता
Read Moreवक्त बदलता दे रहा, कैसे-कैसे घाव,माली बाग़ उजाड़ते, मांझी खोए नाव॥ अपनों से अपने नहीं, रखते आज लगाव,रिश्तों की हर
Read Moreगूंगे थे, अंधे बने, सुनती नहीं पुकार,धृतराष्ट्रों के सामने, गई व्यवस्था हार॥ सत्ता के गलियार में, गूंजे केवल शोर,सत्य यहाँ
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