मुक्तक
जिससे खुश हो जाय ज़मानाजग को सुन्दर और बनानामार भगाना तम को घर सेहर आँगन में दीप जलाना— हमीद कानपुरी
Read More-: दोहा :- बात हमारी तुम सुनो,मित्र मेरे यमराज। आओ
Read Moreसत्य साधकर गति करो,तब ही बनो महान।केवल सच से ही बने,इंसाँ नित बलवान।। सत्य चेतना को रखे,जिसमें रहे विवेक।रीति-नीति को
Read Moreशुभ दीवाली आ गई झूम रहा संसार।माँ लक्ष्मी का आगमन सजे सभी घर द्वार।। सुख वैभव सबको मिले मिले प्यार
Read Moreजिनके सच्चे प्यार ने, भर दी मन की थोथ ।उनके जीवन में रहा, हर दिन करवा चौथ ।। हम ये
Read Moreअंधकार था मन भरा, पापी जीवन खेत।ज्ञान-सूर्य जब उग गया, हटी तमस की रेत।। रत्नाकर से ऋषि हुए, तप से
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