रखवाल बने भेड़िए
कुर्सी खातिर बदलते, नेता इतने ढंग।गिरगिट भी शरमा रहा, देखे इनका रंग।। बगुला भगत बने फिरें, मुख पर मीठी बात।मछली
Read Moreकुर्सी खातिर बदलते, नेता इतने ढंग।गिरगिट भी शरमा रहा, देखे इनका रंग।। बगुला भगत बने फिरें, मुख पर मीठी बात।मछली
Read Moreवादों की ऐसी फसल, उगती बारंबार।कटती सदा चुनाव में, जनता हो लाचार।। भाषण में खुशहाल है, कागज़ पर त्योहार।चूल्हा पूछे
Read Moreअगर सत्य हो बोलना, झटपट बोलो यार,पर असत्य के बोल से, प्रथम सोच सौ बार। फुदक फुदक चलते रहे, पक्षी
Read Moreजीवन खुली किताब है, छिपा न कोई राज। अपनी अपनी राह है, अपना अपना काज।।1।। जीवन साधन साधना, ना कोरी
Read Moreआँखों में सपने बसे, मन में पलते भाव।आँख समझ लेती सदा, बिन बोले मनभाव॥ आँख मिली तो खिल उठे, मन
Read Moreआँखों में विश्वास हो, चेहरे पर मुस्कान।ऐसे ही सुंदर बने, रिश्तों जुड़ा जहान॥ आँखों में जब प्रेम हो, मिट जाए
Read Moreराजनीति ने फिर हिंदी की, चुन्नी आज उछाली है।लाज छोड़़कर एक हो गया, ग्राहक एवं माली है।उठो कलम के प्रखर
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