गजबे शोर था भाई
गजबे शोर था भाईवो भी अजबे दौर था भाईजब बढ़ रही थी महंगाईतब किसने शोर मचाईसत्ता की लालसा पालेअच्छे दिन
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Read Moreकोयल जब भी बोलती, मचता बड़ा बवाल।झूठे शोरों को लगे, जैसे कुछ जंजाल।। सच की मीठी बात से, क्यों इतना
Read Moreप्राकृतिक पर्यावरण हुआ कितना प्रदूषित,मनुष्य करते प्रकृति से छेड़छाड़ अनुचित,तीव्र तापमान से जल रहे धूॅं धूॅं कर जंगल,कॉंटे जा रहे
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