रुकें नहीं हम चलते जाएं
रुकें नहीं हम चलते जाएं। मुश्किल चाहे जितनी आएं।। जीवन का हम लक्ष्य बनाएं। मगर नहीं बिल्कुल घबराएं।। बाधाएं पथ
Read Moreरुकें नहीं हम चलते जाएं। मुश्किल चाहे जितनी आएं।। जीवन का हम लक्ष्य बनाएं। मगर नहीं बिल्कुल घबराएं।। बाधाएं पथ
Read Moreकाश! कहीं कोई ऐसा हो,जो बनकर आधार सँभाले,थककर जब यह जीवन बिखरे,मौन स्नेह से गले लगा ले। रजनी भर महकी
Read Moreसंवैधानिक चाबुक को पीठ पर उनकेइस तरह से फिराओ,तड़ित बिजली से कम झटका न लगेऐसा महसूस कराओ,आये दिन करते रहते
Read Moreकलम हुई मजबूर जब, बिकने लगा विचार।आका की चौखट बनी, लेखक का दरबार॥ कलम उठी जो प्रश्न पर, कर देते
Read Moreआँधी लेकर आ गए, सोच लिया अब हार।रेत नहीं पर्वत बनूँ, सह लूँ सभी प्रहार॥ तूफानों से कह दिया, मत
Read Moreदेखो, लगते बड़े निराले,बादल छाए काले-काले।बादल घिरे, अंधेरी छाई,चारों ओर रात घिर आई।। निकले नील गगन के घर से,टप-टप करके
Read Moreविधा- कविताशीर्षक- बेटियों का डर सर्व समर्थ हो बेटियों, डर-डर कर क्यों रहती हो,पुरुषों के साथ कंधे-से-कंधा मिलाकर चलती हो,परीक्षाओं
Read Moreविधा- कविताविषय- विश्व-पटल पर भारत विश्व-पटल पर भारत की शान है,हर क्षेत्र में मिल रहा उसे सम्मान है,पहले भी जगद्गुरु
Read Moreविधा- कविताशीर्षक- कोई डूबता है तो डूबे! कोई डूबता है तो डूबे,हमारी रील बननी चाहिए,मिलें ढेर सारी प्रतिक्रियाएं,लाइक्स से रील
Read Moreविधा- क्षणिकाशीर्षक- मैं हर्षित कबूतर हूँ, मैं हर्षित कबूतर हूँ,शांति-दूत हूँ,सर्वश्रेष्ठ डाकिया हूँ,अनेक भाषाओं का ज्ञाता हूँ,अनेक भाषाओं मेंअनुवाद भी
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