नैराश्य क्या है
चिंतन से चित्त हो अशांतमन रहने लगे क्लांतएकाकीपन रास आने लगेरातें लंबी हो डराने लगेहर आहट पर मन घबराने लगेकुंठा
Read Moreचिंतन से चित्त हो अशांतमन रहने लगे क्लांतएकाकीपन रास आने लगेरातें लंबी हो डराने लगेहर आहट पर मन घबराने लगेकुंठा
Read More(यादें शेष : सुमन कल्याणपुर)स्वर की सरिता में मधुर गीतों से घुलता ‘प्रेम’ निराला,कोमल तानों की पहचान, ‘सुमनजी’ का अद्भुत
Read Moreचलन बहू का क्या कहूं, फूटी है तकदीर।घर में मुझको मिल गई, बेढंगी तस्वीर।।१. घूंघट में थी सादगी, उसे बताएं
Read Moreशिक्षा थी संस्कार की, ज्ञान-ज्योति का धाम।अब बाजारों में बिके, उसका पावन नाम।। विद्यालय के द्वार से, घटता अब विश्वास।कोचिंग
Read Moreगाँवयानि गरीबीफटेहाल जिन्दगीऔरकुछ गन्दगी। गाँवयानि सन्तुष्टिमानवता -निश्छलताप्रकृति से नजदीकीछल रहित जिन्दगी। गाँवयानि परम्पराओं का निर्वाहईश्वर में आस्थाशिक्षा का अभावसंस्कारों का
Read Moreतुम चाहती हो तुमको भूलूँ मैं भूलूँगामेरे गीत मुझे लौटा दो मैं जी लूँगा। गाये थे जो संग तुम्हारे मधुर
Read Moreगोरी घूंघट में हंसत, बदरी ओट मयंकछत पर छतरी तानकर, बालम लगें निशंकबालम लगें निशंक, अंक में रहि-रहि खींचेंनिरखत रंक
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