हँसते जख्म
आज पहली बार धीर को खुशी के साथ पूरी तरह आत्मसंतुष्टि हो रही थी। हो भी क्यों न? आखिर उसने
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Read Moreचुटकी भर सिन्दूर की कल्पना मात्र से कभी- कभी किसी की विरान जिन्दगी में किस तरह खुशियों के रंग भर
Read Moreजीवन के सत्ताइस सुहावने सावन एक साथ गुजारने के बाद हमारे श्रीमान् जी चलते बने। बस! सावन भी
Read Moreहेलो, जी मैं “अलाने” शहर से विकराल रूप झंझावात बोल रहा हूँ। क्या मैं “फलाने” शहर के कुपित कुमार अग्नि
Read Moreसुबह के छह बज रहे थे। आज रात से ही बारिश हो रही थी। गांव के सरकारी माध्यमिक स्कूल में
Read Moreएक बार, अपनी यात्राओं के दौरान गुरु नानक देव जी तुलाम्बा पहुँचे, जो अब पाकिस्तान में स्थित एक शहर है।
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