दायित्व बोध
“एक ग्लास पानी और चाय लाना, वंदना बहू।” रमेश के पिता परमेश्वर ने अपने समधी पारसनाथ के आते ही कहा।“अभी
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Read Moreकूड़े से पन्नी बीनने के लिए दिन भर इधर उधर सड़क पर घूमते रहना ही
Read Moreएक चोर चोरी का सामान लेकर भाग रहा था, रात का समय था पर एक सज्जन पुरुष ने जो सड़क
Read More“नमस्ते अंकल जी, पापा की तबीयत ठीक नहीं है| आप भीतर चलकर उनके कमरे में ही उनसे मिल लीजिए|”“क्या बात
Read Moreएक समय की बात हैं एक गाँव में रघुवीर नाम का व्यक्ति रहता था।रघुवीर बड़ा नेक दिल और हर किसी
Read Moreआज उमेश एक डॉक्टर बनकर प्रसिद्धि पा रहा है, लेकिन यहाँ तक पहुंचा कैसे अक्सर वह याद करता!उमेश इंजीनियरिंग करना
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