लघुकथा – शीना
पाँचवी कक्षा में पढ़ती शीना को उसकी टीचर मिनू ने पूछा चार बज रहे है बेटा कोई लेने नहीं आया
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Read Moreनित्य नवीन सपने और उन्हें पूरा करने का जुनून ! जीवन से धीरे-धीरे सब कुछ छीन लिया । अहसास होने
Read Moreदीदी,,आपसे एक बात कहनी थी”। मीनू ने अपनी मालकिन से कहा।*हां,बोल, मालकिनसुरेखा ने कहा। मुझे थोड़े पैसे चाहिए थे,वो बेटी
Read More“वह आज भी गैर जवाबदेही में जी रहा है।” रघु ने अपने बगल गिर की बात सोमारू से बेबाक कही।
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