मेरे आंगन में
घटायें साजिश कर रहीं मेरे आंगन में,बारिश रह-रह बरस रही मेरे आँगन में।बिजली की चमक तन-मन थरथराहट,बड़ी सुन्दरतम बूँदे गिर
Read Moreघटायें साजिश कर रहीं मेरे आंगन में,बारिश रह-रह बरस रही मेरे आँगन में।बिजली की चमक तन-मन थरथराहट,बड़ी सुन्दरतम बूँदे गिर
Read Moreमच्छरों के जीमने को आदमी पैदा किया। गजबजाती नालियाँ हैं आलू टमाटर भी सड़ेभिनभिनाते घर छतों पर रक्त के प्यासे
Read Moreना कहीं वो झूले दिखते ना बरगद की शाखाएं।सावन माह मुहोब्बत वाला बन गया दंत कथाएं।होटलों बीच मनाया जाता बाग़ों
Read Moreजिसने मानवता बिसरादी,वह हैवान कहाता है।मानवता का धर्म निभाना,ही ईमान कहाता है। नित तकरार मचाते रहना , छोटी छोटी बातों
Read Moreनभ को निहार कहती सुनारि सखि! लगातार बरसे बदरा।पहले फुहार फिर धारदार फिर धुआँधार बरसे बदरा।। वय के किशोर चितचोर
Read Moreऐ मन आखिर तू क्योंइस कदर भयभीत हैक्या तुझे पता नही है किडर के आगे जीत है ।। बिना जोखिम
Read Moreमानवता का धर्म निभाएँ, रीति-नीति को हम अपनाएँ।करुणा-दया, नेहपथ जाएँ, परहित को आचार बनाएँ।। भूखे को रोटी देकर हम, मंगलमय
Read Moreभारत के राष्ट्रप्रेमी अब एकता दिखाओये देश है हमारा सब एक स्वर में गाओ दुःख सुख ही जिन्दगी है ये
Read Moreसंग हौसले कदम बढ़ाओ, होगी कैसे हार।डरते क्यों हो बढ़ना आगे, कर सपने साकार।। लोगों का है काम डराना, क्या
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