देश न भूले भगत को
तन-मन अर्पित कर चला, रक्षा में बलिदान।इतिहासों में गूंजता, आज भगत जय-गान।। भगत सिंह, सुखदेव क्यों, खो बैठे पहचान?पूछ रही
Read Moreतन-मन अर्पित कर चला, रक्षा में बलिदान।इतिहासों में गूंजता, आज भगत जय-गान।। भगत सिंह, सुखदेव क्यों, खो बैठे पहचान?पूछ रही
Read Moreभोजन लेते भर-भरकर हम, थाली में।थोडा खाते बचा फेंकते, नाली में।व्यर्थ बहाकर पानी करते, नादानी–कूड़ा करकट अटका रहता, जाली में।।
Read Moreधार्मिक चित्रगुप्त जी कीजिए, अपने जन का ध्यान।भूल चूक को माफ कर, भरो सभी में ज्ञान।।१६,१६ गणपति जी को नमन
Read Moreअपनापन की आड़ में, बढ़े स्वार्थ का भाव।मीठी वाणी बोलकर, देते गहरे घाव।।आया ये कैसा समय, कैसा इसका रंग,सजग सदा
Read Moreबड़ा एक प्यारा ख़ज़ाना है हिन्दी।हमारे लिए तो ज़माना है हिन्दी।फकत एक दिन प्यार देना नहीं हैलगातार अच्छी बनाना है
Read Moreसब में एक हिंदी अपना ज्ञान है, हिंदी ही सम्मान।हिंदी के हम भक्त हैं, हिंदी ही प्रज्ञान।।हिंदी भी यह जानती,
Read Moreबोल-तोल बदले सभी, बदली सबकी चाल ।परभाषा से देश का, हाल हुआ बेहाल ।। जल में रहकर ज्यों सदा, प्यासी
Read Moreआन-बान सब शान है, और हमारा गर्व।हिंदी से ही पर्व है, हिंदी सौरभ सर्व।। हिंदी हृदय गान है, मृदु गुणों
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