मानवता पथ
मानवता पथ पर चलें, कल्याणी हो कर्म।राहगीर बढता रहें, सत्यार्थी निज धर्म।। भूखे को रोटी मिलें, बेघर को घर-बार।श्रमजीवी का
Read Moreजिनके सच्चे प्यार ने, भर दी मन की थोथ ।उनके जीवन में रहा, हर दिन करवा चौथ ।। हम ये
Read Moreअंधकार था मन भरा, पापी जीवन खेत।ज्ञान-सूर्य जब उग गया, हटी तमस की रेत।। रत्नाकर से ऋषि हुए, तप से
Read Moreईद हमारा पर्व है, करवा तेरा प्यार।चाँद मगर अनजान है, किसका है अधिकार॥ बँट गया आकाश यूँ, बँट गए अरमान।चाँद
Read More-: दोहा
Read Moreजन्मदिवस पर लाल के, सुनें एक फ़रियाद।सौरभ सदा बहादुर की, सीखों को रख याद ।। करो-मरो की गूँज से, गूँजा
Read More-:दोहा:-जय मोबाइल मातु की, महिमा बड़ी महान।तन, मन,
Read Moreघर-घर में रावण हुए, चौराहे पर कंस ।बहू-बेटियां झेलती, नित शैतानी दंश ।। मन के रावण दुष्ट का, होगा कब
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