कुर्सी गाथा
कुर्सी से सदैव करें, जो भी प्यार दुलारवही नेता स्वयं का, रमेश करें उद्धार कुर्सी छिनने वास्ते, रहता है तैयारहरदम
Read Moreकुर्सी से सदैव करें, जो भी प्यार दुलारवही नेता स्वयं का, रमेश करें उद्धार कुर्सी छिनने वास्ते, रहता है तैयारहरदम
Read Moreआज वृद्ध माँ की मन, देर रात तकबहुत कचोटती रही,जो सदैव सूत की चाह किये।बेटी की उपेक्षाऔर कुलदीपक की इच्छा
Read Moreशाजापुर-मक्सी मार्ग पर नेशनल हाईवे-52 स्थित गोलवा के समीप होटल जैन पथ से जब इंदौर-ग्वालियर इंटरसिटी एक्सप्रेस बस आगे बढ़ी,
Read Moreआधुनिक युग में विभिन्न सामाजिक मंचों पर अपने जीवन के विशेष क्षणों को साझा करना मानवीय व्यवहार का एक अनिवार्य
Read Moreसुख-दुख तो हैं आते-जाते, जीवन पथ संगीत सुनाते।समझ इसे हम सब कब पाते, बाद बहुत नाहक पछताते।। इसका जीवन खेल
Read Moreमै आम बोल चाल की भाषा में लिखता हूँ। ठेठ लोकभाषा से सजी हुई रचनायें होती है। आम जनमानस में
Read Moreसंस्था हित नहीं झगड़े हैं,सब के आपस के झगड़े हैं,यह कोई अफवाह नहीं,संस्था हित परवाह नहीं, मूल बात कुछ और
Read More