एकादश दोहे- मां
१. पत्नी जब माता बने, मां का देते मान। पत्नी की ही शान है, मातृ दिवस बस गान।। 2. फोटो
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Read Moreमां से बढ़ कर कुछ नहीं, मां है ईश समान। मां से ही संसार है, तीन लोक की शान।। मां
Read Moreमाँ से बढ़कर कुछ नहीं, दुनिया सकल जहान। जीवन उनका है सफल, जिनको इसका ज्ञान।। मां से बढ़कर कुछ नहीं,
Read Moreइंद्रिय वश में रख सदा, होगी जग में जीत।मुख-मंडल का तेज बढ़े, संयम से हो प्रीत।। आकांक्षाओं के भार से,
Read Moreयुवा, नशा, नाश, अंजान, तन युवा नशे में चूर हैं, अभी न उनको ज्ञान।नशा नाश उनका करे, इससे वो अंजान।।
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