खुद में समाकर तो देखिए
खुद समाएं किसी समंदर में हम बूंद बनकर,बूंद ही समंदर का अंश हो समंदर बन जाएगी,विशाल समंदर का अनमोल हिस्सा
Read Moreखुद समाएं किसी समंदर में हम बूंद बनकर,बूंद ही समंदर का अंश हो समंदर बन जाएगी,विशाल समंदर का अनमोल हिस्सा
Read Moreजीवन अनमोल है, इसमें नया क्या हैसवाल जटिल था, जिसे आकर मित्र यमराज ने उठाया,उत्तर देना भी जरूरी था,उसके कोप
Read Moreरुकें नहीं हम चलते जाएं। मुश्किल चाहे जितनी आएं।। जीवन का हम लक्ष्य बनाएं। मगर नहीं बिल्कुल घबराएं।। बाधाएं पथ
Read Moreकाश! कहीं कोई ऐसा हो,जो बनकर आधार सँभाले,थककर जब यह जीवन बिखरे,मौन स्नेह से गले लगा ले। रजनी भर महकी
Read Moreसंवैधानिक चाबुक को पीठ पर उनकेइस तरह से फिराओ,तड़ित बिजली से कम झटका न लगेऐसा महसूस कराओ,आये दिन करते रहते
Read Moreदेखो, लगते बड़े निराले,बादल छाए काले-काले।बादल घिरे, अंधेरी छाई,चारों ओर रात घिर आई।। निकले नील गगन के घर से,टप-टप करके
Read Moreविधा- कविताशीर्षक- बेटियों का डर सर्व समर्थ हो बेटियों, डर-डर कर क्यों रहती हो,पुरुषों के साथ कंधे-से-कंधा मिलाकर चलती हो,परीक्षाओं
Read Moreविधा- कविताविषय- विश्व-पटल पर भारत विश्व-पटल पर भारत की शान है,हर क्षेत्र में मिल रहा उसे सम्मान है,पहले भी जगद्गुरु
Read Moreविधा- कविताशीर्षक- कोई डूबता है तो डूबे! कोई डूबता है तो डूबे,हमारी रील बननी चाहिए,मिलें ढेर सारी प्रतिक्रियाएं,लाइक्स से रील
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