सामूहिक सामर्थ्य की ओर
विस्तार हुआ अब ज़रूरत है, आधार बनाने की,बिखरी हुई हरेक शक्ति को फिर, साथ लाने की।“ब्रिक्स” देशों का समूह नहीं,
Read Moreविस्तार हुआ अब ज़रूरत है, आधार बनाने की,बिखरी हुई हरेक शक्ति को फिर, साथ लाने की।“ब्रिक्स” देशों का समूह नहीं,
Read Moreअपना आज सुधारना, यही समय की सीख।वरना फिर तैयार हो, चलो माँगने भीख।।मांगोगे तुम भीख, और मत देखो सपना।बोरा बिस्तर
Read Moreतीर कमान से मिसाईलों तक के सफर तक बेशक आदमी ने कई मील पत्थर लांघ लिए हैपरंतु अपने वर्चस्व की स्थापना की चाहत आदिमानव
Read Moreएक आधुनिक बाबा को देखाचेहरे पर कोई दाढ़ी बाल नहींमस्तक पर भयंकर चंदनचेहरे पर एक चमकपहुंचे हुए बाबा थेलक्जरी गाड़ी
Read Moreमेरे अक्षरों में भारत है, मेरी वाणी में स्वाभिमान,मेरी बोली के कण-कण में, गूँजे मेरा हिंदुस्तान।माँ के आँचल की ममता
Read Moreऐ मेरे मन,पापों और गुनाहों से अब तौबा कर लो,अंतर की मैली गलियों को पश्चाताप से धो लो।आज सँभल जाओ,कल
Read Moreमैंने डाक्टर साहब से पूछा,मजबूर आदमीजब अस्पताल आता हैउसके हालातों को देखकर भीइतना लम्बा-चौड़ाबिल बना दिया जाता हैकुछ रहम कीजियेउससे
Read Moreजर्जर इमारतें गिरती रहीं, तंत्र सोता रहा,दीवारों की दरारें खूब चीखती रहीं,हमेशा शहर खामोश होता रहा।किसी छत ने पहले ही
Read Moreकरना था व्यापार मगर मैं जॉब में आकर अटक गया,ज्यादा धन के लालच में, मै लक्ष्य से अपने भटक गया।प्यार
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