सफर दर्द से गौरव का
कांच के रास्तों पर नंगे पैर चली है वो,रूढ़ियों की बेरहम आग में हर पल जली है वो,जिन्हें अमानवीय समाज
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Read Moreएक कमज़ोर आदमीहारता नहीं कभीउसके अंदर भी होता है हौंसलाएक शक्ति उसके अंदर भी हैवह मुकाबला कर सकता हैदुनिया की
Read Moreआओ देवी,और थोड़ा लाल हो जाएविश्वास का मेढ़।काँटी-कूटी और कीचड़ की परत के नीचेसंचारित हो असली रक्त ।विसर्जन नहीं चाहते
Read Moreवे लोग आज भी जिंदा हैंअवशिष्ट आयु को लेकरअंधेरा को लालटेन दिखाकर,वे अब भी आगे बढ़ रहे हैंउनके आंखों के
Read Moreचोंचलों की बरसात होने वाली है,नेताओं की बारात होने वाली है,जनता को आघात होने वाली है,चुनावी वादों की फिर से
Read Moreये शब्दकोश से पहले की बात हैगिनती पहाड़े सब बाद में बनेंया ये माँ की देन हैंतुमने डाला खेत में
Read Moreकृष्ण सा प्रेम पावन करूं मैं तुझे,शाश्वत प्रेम ही मन का आधार है।जिस्म का प्रेम पाना नहीं चाहता,ना मुझे ऐसी
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