बचपन के दिन
खुशियों के वे पल आ जाते।बचपन के वे दिन मिल जाते।रोना-धोना, खेल-खिलौना,हंसते-गाते बढ़ते जाते।। बारिश में सब नाव चलाते।चाट पकौड़ी
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Read Moreशीतकाल सौगातें लाया।ठंडी ऋतु का मौसम भाया।।छोटे दिन की लंबी रातें।अगियाने पर होतीं बातें।।गरम रजाई ने गरमाया।शीतकाल सौगातें लाया।।गज़क तिलकुटी
Read Moreहुक्का,गुटका,चिलम, तँबाकू।नर- जीवन के हैं सब डाकू।। हुक्के में जो धुँआ उड़ाता।नश्तर तन में स्वयं चुभाता।। सट-सट धुँआ चिलम से
Read Moreठुमक–ठुमक आए कन्हैया, देखो नटखट है नंदलाल, छम–छम छम घुंँघरू बाजे,
Read Moreआओ! हम योजना बनाएँ अंतरिक्ष – यात्रा पर जाएँ चंदामामा के घर ठहरें धमाचौकड़ी वहीं मचाएँ नए – नए रहस्य
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