रक्षा बंधन ये कहे
रक्षा बंधन प्रेम का, मनभावन त्यौहार।जिससे भाई बहन में, नित बढ़े है प्यार। बहनें मांगे ये वचन, कभी न जाना
Read Moreरक्षा बंधन प्रेम का, मनभावन त्यौहार।जिससे भाई बहन में, नित बढ़े है प्यार। बहनें मांगे ये वचन, कभी न जाना
Read Moreबूंदों ने बरसा दिया, धरती पर उपहार।पानी यूँ ही बह गया, जागो मेरे यार॥ प्यासे खेतों की सदा, सुनता नहीं
Read Moreहाथों में सज चूड़ियॉं, करती मधु झंकार।खन-खन-खन की ताल से, करे प्रेम संचार।। ये हरी-भरी चूड़ियॉं, सजनी का श्रृंगार।सजना लाए
Read Moreकुछ मुक्तक- 481.उम्मीदेंजब मन से बंधती उम्मीदों की डोर,होंगे सपने सच सारे, कहती है भोर,ये सपने ही, हमें सफलता दिलाएंगे,उम्मीदें
Read Moreअँधियारे को कोसकर, कब तक बैठें मौन।दीप जलाने की जगह, ढूँढ़ रहे हैं कौन॥ प्रकाश माँगें भीख में, हाथ लिए
Read Moreअन्न हमारे जीवन का, सबसे प्यारा दान।दाने-दाने में छिपा, किसान का अरमान॥ दादा-दादी संग चलें, आँगन में मुस्कान।दादी दाने साफ
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