सुकून की तलाश
तप्त धरा को सुकून मिलता,वर्षा की दो बूंदों से,सूखे पेड़ों को हरियाली,नव पल्लव के स्पर्शों से।दरिया को भी चैन मिलता
Read Moreतप्त धरा को सुकून मिलता,वर्षा की दो बूंदों से,सूखे पेड़ों को हरियाली,नव पल्लव के स्पर्शों से।दरिया को भी चैन मिलता
Read Moreजब किसी के आँसू पोंछोतो समझो ईश्वर हँसता है,टूटे मन को जब जोड़ो तुम,हर दिल में सूरज बसता है। करुणा
Read Moreजिस्म के मर जाने से रिश्ते मरा नहीं करतेघड़े में छेद हो जाये तो घड़े भरा नहीं करतेरूह निकल जाती
Read Moreबस, ‘पंद्रह बरस’ की उम्र में ऐसा तूफ़ान उठा,हर गली-मोहल्ले में बस वैभव का नाम गूंजा।छोटे से कंधों पे सपनों
Read Moreसंविधान के होते हुए भीक्या क्या नहीं कर जाते हैं आप,अपनी उसी सड़ी गली मानसिकता कायदा कदा दिखा जाते हो
Read Moreसीमाओं पर धूल उड़ती रहीं, खतरे ने दे दी है दस्तक,मौन नहीं रहेगा देश हमारा, कभी ना झुकेगा मस्तक।घुसपैठ की
Read More1.माँगंगेजय होभागीरथीपापनाशिनीहे भवतारिणीतेरा जल निर्मल।2.माँगंगापावनतेरा जलअमृत सममोक्षदायिनीभव से तार देजीवन संवार दे।3.माँगंगाकी धाराशीतल हैअमृत समनीर है इसकापावन पापनाशी। — लीला
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