चमड़ी जाएं,दमड़ी न जाएं?
जब सरकारी आदमी थे तब सर्कल में जेब में हाथ नहीं डालने वाले को चामठा,मट्ठा,चीठा, कंजूसड़ा,जैसे मारूं शब्द खूब चलते
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Read Moreदशहरे का मौसम आते ही रावण की पूछ-परख बढ़ जाती है। साल भर समाज में रावण जैसी प्रवृत्तियाँ फलती-फूलती रहें,
Read Moreहिसार। हरियाणा के शिक्षा विभाग में राजनीति विज्ञान की प्रवक्ता डॉ. प्रियंका ‘सौरभ’ को शिक्षा, साहित्य, पत्रकारिता और महिला सशक्तीकरण
Read Moreअक्सर कोहनी मारना यानि एक तरह से ठिठोली करना ही होता है। यारी दोस्ती में कोहनी मारना मजे लेने के
Read Moreसाहित्य समाज का दर्पण होता है और इसी कसौटी पर त्रैमासिक साहित्यिक पत्रिका ‘स्काईलैब’ खरी उतरती है। यह पत्रिका अपने
Read Moreअखबार की खबर पढ़कर मन में एक गंभीर सवाल उठता है-आखिर ये कैसे शातिर डकैत हैं, जो पेट्रोल पंप पर
Read Moreआज मुझे भी फीलिंग हो रही है। आप पूछेंगे- कैसी फीलिंग? किस बात की फीलिंग? बताऊँगा, बताऊँगा। जरा धैर्य रखिए।
Read Moreमुख्यमंत्री द्वारा अनुमोदित हरियाणा साहित्य एवं संस्कृति अकादमी का श्रेष्ठ कृति सम्मान, पीएच.डी. साहित्यकार दंपती डॉ. सत्यवान सौरभ व डॉ.
Read Moreआप एक आम आदमी हैं,आम स्त्री हैं। इनमें न तो कोई नेता है, न उनका गुर्गा या चमचा है और
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