व्यंग्य – बाबाजी कहिन
एक बाबा जी के विचार सुनने को मिले। सचमुच उनको सुनकर दिल गदगद हो गया। वो आदमी और आदमी में
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Read Moreअभिनव काव्यांश मंच का ओनलाइन आयोजन मंडला-देश की सुप्रसिद्ध साहित्य संस्था ” अभिनव काव्यांश मंच” द्वारा निरंतर ओनलाइन व आफलाइन
Read Moreसाहित्य अकादमी, मध्यप्रदेश संस्कृति परिषद्, मध्य प्रदेश शासन, संस्कृति विभाग प्रदेश की क्रियाशील साहित्यिक संस्थाओं के बीच संवाद स्थापित हो
Read Moreबी.एल. गौड़ एक ऐसे कवि हैं जो पेशे से इंजीनियर और भवन निर्माता रहे, किंतु उनके भीतर एक संवेदनशील काव्य-मन
Read Moreइस योजना में रचनाकारों ने उत्साह से मतदान किया। विभिन्न प्रत्याशियों द्वारा प्राप्त किये गये मत निम्न प्रकार रहे- इसमें
Read Moreदीवाली पर जैसी व्यापारी की तैयारी होती है वैसी ही होली पर व्यंग्यकार की तैयारी होती है। होली व्यंग्य वालों
Read Moreकाठमांडू, 21 फ़रवरी। अंतर्राष्ट्रीय मातृभाषा दिवस के अवसर पर बिहार के सीवान ज़िले के चैनपुर गाँव निवासी स्वर्गीय भीष्म प्रसाद
Read Moreविचारणीय प्रश्न यह है कि उल्लू सदैव टेढ़ा ही क्यों होता है,जिसे सीधा करने की आवश्यकता पड़ जाती है ?
Read More“मैं गीतों की जादूगरनी” सचमुच अपने शीर्षक को पूर्णतः सार्थक करने वाला काव्य-संग्रह है। कवयित्री शैलजा सिंह बाबा गोरखनाथ की
Read Moreसाहित्य संगम बुक्स प्रकाशन मंडल द्वारा प्रकाशित साझा संकलन ‘सब अंधकार मिट जाएगा’ समकालीन काव्य-क्षितिज पर एक ऐसी तेजोमय उपस्थिति
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