एक गठरी, जिसने पूरी व्यवस्था को कठघरे में खड़ा कर दिया
सच का आईना अक्सर वहीं मिलता है, जहाँ नजरें कम जाती हैं। ओडिशा के एक ग्रामीण इलाके की सुनसान राह पर
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Read Moreबचपन को जीवन का सबसे उजला, निश्चिंत और संभावनाओं से भरा चरण माना जाता है। यह वह समय होता है
Read Moreडॉ. विनोद शर्मा ने छत्तीस घंटे जागकर परीक्षा दी थी। रैंक आई — 47वीं। सीट नहीं मिली।जिसे मिली, उसकी रैंक
Read Moreयोगी भोगी हो गए, संत चले बाजार।अबलाएँ मठ-लोक से, रह-रह करें पुकार॥ माटी की मर्याद भी, हुई आज बेहाल,धर्म-ध्वजा के
Read Moreइस दुनिया मेंजो भी अजूबा बनाया गया हैवह मजदूरों की देन हैउसकी कारीगरी हैउसकी मेहनत है सूखी रोटियां खाकरराजमहल बनाया
Read Moreमेरे सपनों को ऐसे मरोड़ा गया,जब हम उड़ने के कगार पर थे,तब मुझे तोड़ा गया..!!,दर्द ऐसा की हम सह भी
Read Moreपुस्तकेंफैलाती हैंज्ञान का प्रकाशहम सबके जीवन में। साथीहोती पुस्तकेंहमारे जीवन कीसबसे सच्ची दोस्त होतीं। पुस्तकेंमौन होकरनिस्वार्थ भाव सेजीवन भर साथ
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