मौसम मदमाया
मौसम मदमाया हुआ, उड़े अबीर-गुलालबिना मले ही गाल भै,चर तरुणी के लालचर तरुणी के लाल, ताल दइ बुढ़वा नाचेंकलियन देख
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Read Moreनेता अभिनेता जान, साथी कभी मत मान, वादों की हैं भरमार, हैं ये मायावी संसार।। लोभ लालच रूदन, अहं स्वार्थ
Read Moreप्रतिभा कौशल से बढ़े, गौरव गरिमा शान। काम देश के आ सकूं, ऊँची भरूँ उड़ान। मानवता पुष्पित रहें, करुणा नेह
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