माँ शैलपुत्री : शक्ति-साधना की प्रथम ज्योति
नवरात्रि के प्रथम दिवस पूजी जातीं माँ शैलपुत्री,पर्वतराज हिमालय की पुत्री, जग की पालनहारी।वृषभ पर आरूढ़ होकर ‘वृषारूढ़ा’ कहलाती हैं
Read Moreनवरात्रि के प्रथम दिवस पूजी जातीं माँ शैलपुत्री,पर्वतराज हिमालय की पुत्री, जग की पालनहारी।वृषभ पर आरूढ़ होकर ‘वृषारूढ़ा’ कहलाती हैं
Read Moreआई है जब आपदा, भरते हैं सब आह।मानें ईश्वर दंड है, बस्ती हुई तबाह।।बस्ती हुई तबाह, आज तो हम सब
Read Moreदेना किसको दोष है, पहले जाओ भूल।पहले इसको झेल लो, चुभा हुआ जो शूल।।चुभा हुआ जो शूल, बैठ
Read Moreवो दिन भी कितने अजीब थेजब हम तेरे करीब थे ।ना किसी को पाने की जिद थीना किसी को खोने
Read Moreमक्खी बैठी हो दीवारों पे, या भिनभिनाए कानों में,क्या हथौड़ा लेकर दौड़ेंगे, हम अपने ही मकानों में?रोकना तो राहों को
Read More