हर मन में अब रावण
हर मन में अब रावण रहता।बाहर राम-राम बस कहता।।देखा नहीं कभी निज भीतर।उड़ा रहा औरों को तीतर।। कहें मित्र यमराज
Read Moreहर मन में अब रावण रहता।बाहर राम-राम बस कहता।।देखा नहीं कभी निज भीतर।उड़ा रहा औरों को तीतर।। कहें मित्र यमराज
Read Moreप्रश्नपत्र है ज़िंदगी, उत्तर अपने कर्म।सच की स्याही से लिखो, जीवन का तुम मर्म॥ सबको खुश कर आज तक, कौन
Read Moreमैं वो बरबाद इंसान हूंजिनका बरबादियों से नाता रहा है,रखी जिनसे उम्मीदबस देता दिलासा रहा है,राहें चुनी थी मैंने भीअपनों
Read Moreमर्दों से मुकाबला करती नारी शराब और सिगरेट पीती है उसका विरोध कैसे करूँ करू भी तो जायज करू कैसे
Read Moreकिसी के दर्द को देखकर,कभी मुस्कुराया न करो,गिरते हुए इंसान का,यूँ मज़ाक उड़ाया न करो।वक़्त का पहिया घूमकर,कब किस ओर
Read Moreअधर्म का छाया था जो अंधियारा,सत्य का सूरज फिर मुस्काया।नवरात्र का अनुष्ठान हुआ पूरा,विजयदशमी का यह पर्व आया।राम के बाणों
Read Moreयूं दलेर बने थे कभी मंचों के सरताज,जब वे गाते थे कभी सुरों में आवाज़।ज़बरदस्त नाम कमाया, शोहरत पाई,फिर क्यों
Read Moreजारी है जापान के नागोया में पॉंचवे एशियन पैरा गेम्स,भारत का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं वहॉं पर हुनर बाज कीमती
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