दोहा गीतिका – ब्याह हुआ दुल्हन नई
ब्याह हुआ दुल्हन नई,प्रिय लगती ससुराल।मात-पिता बैरी लगें, घर में करें बवाल।। बिगड़ गए हैं आज के, बेटे करें कुसंग,सुरापान
Read Moreब्याह हुआ दुल्हन नई,प्रिय लगती ससुराल।मात-पिता बैरी लगें, घर में करें बवाल।। बिगड़ गए हैं आज के, बेटे करें कुसंग,सुरापान
Read Moreझूठी-साज़िश गढ़ रहे, , फैलाएँ भ्रम-जाल।सजग रहे जन-गण सभी, विफल करें हर चाल॥ सदा देश की एकता, इनको अखरे पार्थ।भेदभाव
Read Moreमंझधार में घिरी नौका को तूफाँ से बचाने वाला हूंमेरा छोटा सा परिचय है मैं अग्नि कुंड की ज्वाला हूं
Read Moreसोशल मीडिया पर आकररख जाते दिल का हाल,पर जब कोई पूछे रिश्तों का सच,तो चुप हो जाते तत्काल। डिजिटल रिश्तेदारहजारों-लाखों
Read Moreबाल, किशोर, युवा, वृद्ध, सबको भाए सबको प्यारी। साईकिल की करो सवारी, इसकी शान है सबसे न्यारी।। पर्यावरण के लिए
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