माँ का आँचल
रंगों में भीगा नन्हा सा चेहरा,मुस्कान में छुपा है सारा सवेरा।माँ की बाहों में दुनिया सारी,प्यारी सी ये होली हमारी।
Read Moreरंगों में भीगा नन्हा सा चेहरा,मुस्कान में छुपा है सारा सवेरा।माँ की बाहों में दुनिया सारी,प्यारी सी ये होली हमारी।
Read Moreरक्तिम आकाशरोती हुई धरतीखामोश इंसान टूटे हैं सपनेबिखरे हैं अरमानसिसकती हवाएँ नफरत की आगजलते हुए घरबुझती उम्मीद मासूम आँखेंडर से
Read Moreभोर अपनी आँखेंमलते हुए जगी।धूप की मुस्कान भीकुछ फीकी सी लगी।मै! रातभर ठहरी रहीनदियाँ के किनारे,सिर्फ तुम्हारे आने केइंतजार मे…
Read Moreकितना जरूरी होता हैप्रथम आलिंगन…दो अजनबी लोगों कीआत्मा की तृप्ति के लिए।वो! चाहे फिर प्रेम होया फिर दोस्ती में…दो अजनबियों
Read Moreफागुन की मृदु बयार बही,धरती ने नव श्रृंगार किया।रंगों की कोमल छाया ने,जीवन का अभिनव सार दिया। अबीर-गुलाल उड़े गगन
Read Moreमन मचले तो वश में करना,मन को सच्चा सुंदर रखना।नया कोई संकल्प बनाकर,हर दिन ही कुछ बेहतर करना।दिशा हीन जीवान
Read Moreमन के आंगन में,एक कोना शांत रहे,सपनों की छाँव। भीड़ के बीच भी,थोड़ी सी तन्हाई हो,खुद से मुलाकात। शोर से
Read Moreआज सुबह से मन बड़ा खिन्न था कुछ सोच रहा था, मगर समझ नहीं पा रहा था,तब तक मेरी नजर यमराज
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