कविता – ख़ुश रहने का हुनर
ख़ुश रहने को सब कुछ होना ज़रूरी नहीं,हर ख़्वाब का पूरा होना ज़रूरी नहीं,जो मिला है,उसमें मुस्कुराना सीखिए,हर पल को
Read Moreख़ुश रहने को सब कुछ होना ज़रूरी नहीं,हर ख़्वाब का पूरा होना ज़रूरी नहीं,जो मिला है,उसमें मुस्कुराना सीखिए,हर पल को
Read Moreनवरात्रि के प्रथम दिवस पूजी जातीं माँ शैलपुत्री,पर्वतराज हिमालय की पुत्री, जग की पालनहारी।वृषभ पर आरूढ़ होकर ‘वृषारूढ़ा’ कहलाती हैं
Read Moreआई है जब आपदा, भरते हैं सब आह।मानें ईश्वर दंड है, बस्ती हुई तबाह।।बस्ती हुई तबाह, आज तो हम सब
Read Moreदेना किसको दोष है, पहले जाओ भूल।पहले इसको झेल लो, चुभा हुआ जो शूल।।चुभा हुआ जो शूल, बैठ
Read Moreवो दिन भी कितने अजीब थेजब हम तेरे करीब थे ।ना किसी को पाने की जिद थीना किसी को खोने
Read More