पद्य साहित्य

गीतिका/ग़ज़ल

दोहा गीतिका – ब्याह हुआ दुल्हन नई

ब्याह हुआ दुल्हन नई,प्रिय लगती ससुराल।मात-पिता बैरी लगें, घर में करें बवाल।। बिगड़ गए हैं आज के, बेटे करें कुसंग,सुरापान

Read More