बुजुर्ग
विधा- कविताशीर्षक- बुजुर्ग आज बुजुर्गों का इतना अपमान हो रहा,एकाकी जीवन जीने को कोई मजबूर हो रहा,खून के रिश्तों पर
Read Moreविधा- कविताशीर्षक- त्योहारों की देन है खुशियां विभिन्न त्योहारों की देन है खुशियां,चहकती हैं खुशियों से सारी गलियां,घर-घर बनते तरह-तरह
Read Moreजीवन एक अनवरत यात्रा है,जो कुछ दिखाती है,कुछ सिखाती है,कभी गिराती है,फिर उठाती है,खुद से मिलाती है,कभी झिंझोड़ती हिलाती है।
Read Moreविधा- कविताशीर्षक- बंटवारे की त्रासदी! देश के बंटवारे के दर्द को,कैसे भुलाया है जा सकता?लाखों का विस्थापित होना,कभी भुलाया न
Read Moreविधा- कविताशीर्षक- शहर-शहर जल का कहर शहर-शहर जल का कहर,तबाही का मंजर है,बाढ़ पानी की हो या जनसख्या की,तबाही का
Read Moreविधा- कविताशीर्षक- स्वप्न-सा मन स्वप्न-सा मन,जश्न का मन,खिल गया तो,सुमन-सा मन। खार-सा मन,प्यार का मन,मिल गया तोसितार-सा मन। बह रहा
Read Moreविधा- कविताशीर्षक- अंबर से बरसी प्रेम लहर अंबर से बरसी प्रेम लहरतीजों में भीगी अवनि मुस्काई,दिल-ने-दिल की बात सुनी,फिर प्यार
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