अंबर से बरसी प्रेम लहर
विधा- कविताशीर्षक- अंबर से बरसी प्रेम लहर अंबर से बरसी प्रेम लहरतीजों में भीगी अवनि मुस्काई,दिल-ने-दिल की बात सुनी,फिर प्यार
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Read Moreपरिवार की जिम्मेदारी से बड़ा कहाँ आध्यात्म है,कर्तव्य निभाना ही जीवन का सच्चा पुण्य-पथ है।छोटों-बड़ों की भावनाओं का सम्मान करते
Read Moreक्यों भाई तुम किस पक्ष से हो मैं दोनों ही पक्ष में हूँ अपनी सहूलियत के हिसाब से आता जाता
Read More१) जागो रे कान्हागैया रंभा रही हैंहुआ प्रभात। २) प्रभात बेलाबरसता अमृततुम क्यों सोए ? ३) निकल पड़ेलिए हल हाथ
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