बड़की भाभी
वह सींचती है घर कोअपने मेहनत सेभोर में ही उठ जाती हैकुछ बाकी सी नींद रह जाती हैफिर भी उठती
Read Moreवह सींचती है घर कोअपने मेहनत सेभोर में ही उठ जाती हैकुछ बाकी सी नींद रह जाती हैफिर भी उठती
Read Moreबचपन की वह मासूम सी बातें,अब पीछे छूटने लगी हैं,ख्वाबों की नाजुक सी डोरियाँ,वक्त के साथ टूटने लगी हैं।बाजार की
Read Moreप्रकृति से करने चला था मुकाबलाबड़ा सा घर रेत की तरह ढह गयाअब तो केवल नदी नज़र आती है वहांगांव
Read Moreराज को राज रहने दो,नाराज को नाराज रहने दो,ये नाराजगी होती ही नहींअगर वो अपना होता,अलग होते ही क्योंजब दो
Read Moreहिंदी हैं,हम, हम वतन है हिंदुस्तां हमारा है,महक रहा विश्व भर में गान ये हमारा है।हमारी मातृभाषा की महिमा अपरंपार
Read Moreविधा- कविताशीर्षक- जब चंदा चमके आकाश में जब चंदा चमके आकाश में,तुम आना पिया मेरे पास में,मन महकेगा, तन चहकेगा,आनंद
Read Moreजो योग्य नहीं,उसे भी सम्मान दिया करो,अपने संस्कारों का सदा मान रखा करो,दूसरों की कमी से अपना स्तर मत गिराओ,अपने
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