जीवन: एक अनवरत यात्रा
जीवन एक अनवरत यात्रा है,जो कुछ दिखाती है,कुछ सिखाती है,कभी गिराती है,फिर उठाती है,खुद से मिलाती है,कभी झिंझोड़ती हिलाती है।
Read Moreजीवन एक अनवरत यात्रा है,जो कुछ दिखाती है,कुछ सिखाती है,कभी गिराती है,फिर उठाती है,खुद से मिलाती है,कभी झिंझोड़ती हिलाती है।
Read Moreविधा- कविताशीर्षक- बंटवारे की त्रासदी! देश के बंटवारे के दर्द को,कैसे भुलाया है जा सकता?लाखों का विस्थापित होना,कभी भुलाया न
Read Moreविधा- कविताशीर्षक- शहर-शहर जल का कहर शहर-शहर जल का कहर,तबाही का मंजर है,बाढ़ पानी की हो या जनसख्या की,तबाही का
Read Moreविधा- कविताशीर्षक- स्वप्न-सा मन स्वप्न-सा मन,जश्न का मन,खिल गया तो,सुमन-सा मन। खार-सा मन,प्यार का मन,मिल गया तोसितार-सा मन। बह रहा
Read Moreविधा- कविताशीर्षक- अंबर से बरसी प्रेम लहर अंबर से बरसी प्रेम लहरतीजों में भीगी अवनि मुस्काई,दिल-ने-दिल की बात सुनी,फिर प्यार
Read Moreपरिवार की जिम्मेदारी से बड़ा कहाँ आध्यात्म है,कर्तव्य निभाना ही जीवन का सच्चा पुण्य-पथ है।छोटों-बड़ों की भावनाओं का सम्मान करते
Read Moreआने वाले तूफ़ान की आहट दूर कहीं बादल गरजे,पत्तों ने कुछ कहा—हवा ने कानों मेंआने वाले तूफ़ान कीआहट दी। सूना
Read Moreविधा- कविताशीर्षक- दो जून (समय) की रोटी दो जून की रोटी के जुगाड़ में,महज मशीन बन गया आदमी,इंसानियत कर दी
Read Moreविधा- कविताशीर्षक- सफलता की सीढ़ियां जब मन से बंधती उम्मीदों की डोर,होंगे सपने सच सारे, कहती है भोर,ये सपने ही,
Read More