मधुमास का झोंका
पिछले कई वर्षों के बाद बेटा-बहू घर बसंत पंचमी के समय घर पर थे। चार वर्ष का उनका बेटा वीर
Read Moreपिछले कई वर्षों के बाद बेटा-बहू घर बसंत पंचमी के समय घर पर थे। चार वर्ष का उनका बेटा वीर
Read Moreयात्राएँ केवल स्थान परिवर्तन नहीं होतीं, वे आत्मा के भीतर घटित होने वाली सूक्ष्म हलचलों का विस्तार होती हैं। कुछ
Read Moreआज पूरे ऑफिस में अजीब-सी हलचल थी। किसी की मेज पर मिठाई के डिब्बे थे, तो किसी के हाथ में
Read Moreपंद्रह साल से रमेसर उनके घर में था। सेठ हरिप्रसाद उसे बेटे की तरह मानते थे — कम से कम
Read Moreकुछ संस्मरण सकारात्मकता के साथ ही साथ उत्प्रेरक भी होते हैं जिन्हें साझा कर हम स्वयं के साथ-साथ इसके पाठकों
Read Moreक्लिनिक में एक युवा लड़की आई — चेहरा सुंदर, लेकिन बेचैनी साफ झलक रही थी। डॉक्टर ने चश्मा ठीक किया
Read More