समझौता
आओ चलो आज समझौता कर लेंथोड़ी समझदारी दिल में भर लें ।। जब शरीर साथ न देपर तमन्नाएं फिर भी
Read Moreकमल ही कमल खिल रहा देश में, मोदीराज की आंधी आई,जिसने किया कल्याण देश का,घर घर मन की बात पहुंचाईअब
Read Moreबौराए हैं आम बाग मेंमहक रही है अमराई। ऋतु वसंत का हुआ आगमनकुहुक-कुहुक कोकिल कूकेकानों में अमृत घुलता हैनहीं एक
Read Moreअपना सामां बांध बटोही सांझ हुई चल घर चलते हैं।कल आया तो कल देखेंगे सांझ हुई चल घर चलते हैं।।
Read Moreव्यग्र विकल चिंतारत रहते, उन में पर्व भरें उत्साह ।मानव मन आनंदित होता, पर्वों से संचार प्रवाह ।। नवल राग
Read Moreपल-पल मिलना, पल-पल खिलना, पल-पल बिछड़न ही जीवन है। धोखा, कपट, षडयंत्र तो विष हैं, प्रेम की धड़कन संजीवन है।।
Read Moreजिसने मन को जीत लिया हो,वो न कभी भयभीत हुआ।राह कठिन हो या अँधियारी,सदा वही जगजीत हुआ ।1चाहे धूप जले
Read Moreजैसे ही युद्ध का बिगुल बजातमाम देशों में मच गया कोहरामहजारों लोग अब तक मारे जा चुकेविश्व भर के बाजार
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