नज़राना
अपना दिल कभी था जो, हुआ है आज बेगानाआकर के यूँ चुपके से, मेरे दिल में जगह पानादुनियां में तो
Read Moreलोग भूल जाते हैं एहसान,जब खड़ा हो जाता है मकान। जिनके दर पे झुके थे हम कभी,आज वही लगते हैं
Read Moreवे बहुत भूखे हैपर खाने के नहीतुम्हारे हिस्से खाने के।वो प्यासे भी हैपर नीर के नहीतुम्हारे देह में बहती रक्त
Read Moreशब्द इस्तेमाल किये जाये यह जरुरी नहीं भाव भंगिमायें ही व्यक्त कर देती है आदमी के मन में छुपी बात
Read Moreस्वर की वो रानी, सुरों की मूरत,हर दिल में बसती, मधुर सी सूरत।गीतों की गंगा, सुरों का सागर,तेरी आवाज़ में
Read Moreशून्य की गोद मेंछिपा हुआ है जीवनएक अनकहा सत्य जहाँ कुछ भी नहींवहीं से सब कुछ जन्मेनए रूप लेते हैं
Read Moreसंविधान पूजनीय, शिल्पकार वंदनीय, राष्ट्र प्रेम हेतु धीर, त्याग कर्म साधना।। रक्षणार्थ प्राण दीप, धर्म ज्योति हो प्रदीप, शत्रु धीठ
Read Moreमंज़िल का सफ़र कहते हैं जिसे हम असलियत में वह वापसी का सफ़र है यह नादानी है हमारी हम वापसी
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