अपनों के सँग भूलकर, चलना नहीं कुचाल
रूठो चाहे उम्र भर, रख लो लाख मलाल।अपनों के सँग मत कभी, चलना कुटिल कुचाल॥साथ न चलना हो चले, अपनी-अपनी
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Read Moreभक्ति में शक्ति मिले और मिले विश्वासज्यों ज्यों पांव बढ़ाते जांव तो हो जावे मन शांतशिव की पूजा से मन
Read Moreन वह चूल्हे की रोटी न वह घड़े का पानीबदल सी गई कुछ ऐसी ज़िंदगानीबुढापा भी कुछ और सा बीत
Read Moreसुबह की नरम धूप जब आँगन में उतरती है,चिड़ियों की चहचहाहट मन को छूकर गुजरती है।एक प्याली चाय के साथ
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