हौसलों से उम्मीद
अंधेरों से क्यों डरना है, जब भीतर दीप जला है,रास्ते चाहे कठिन हों, हौसलों से उन्हें सजाना है।ये ठोकरें ही
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Read Moreबड़े शहरों में फ्लैट संस्कृतिअब घरों में देहरी नहीं होती! जिसे देख समझाया था, कभीदेहरी पार करने का मतलब,अब घुटनों
Read Moreवो मिट्टी की खुशबू, हाथों में रखती पानी,थाली में झलकी थी ‘मेहनत’ की कहानी।सुबह की किरण संग ‘काम’ पर थी
Read Moreहर पल बड़ा, बलवान है, सबका समय, भगवान है।मेहनत से, मुस्कान है, सुंदर बने, दिनमान है।। हिम्मत कर, विश्वास रख,
Read Moreराजनीति आजकल बदनाम हो गईफ्री की आदत अब आम हो गईदस बार मुकर जाते हैं सुबह से शाम तकझूठ बोलना
Read Moreतुमने सिर्फ मेरे किरदार पढ़े होंगे,भावों के वेग उमड़ते देखे होंगे।मेरे अन्तस्थ की कलम देखी होती,तो शायद मेरा रंगीन सफ़र
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