श्रमिक
श्रमिक धरा हम तुम है सारे। कोई यहाँ विशेष न प्यारे।।सबके काम अलग बस होते।करने पड़ते हँसते रोते।। इसका हल्का
Read Moreआज हास्य दिवस है इस पर किसका वश है। कहते हैं यमराज मित्र हँसना मना है यही इस दिवस का
Read Moreउम्मीदों की राह का मिटता सन्नाटा मुस्कान बिखेरती चाँदनी सपने दिखाती,दिल की धड़कन बेकाबू सी हो जाती है।तब मन में विश्वास
Read Moreतानाशाही का अंत हो गया, अबकी पश्चिम बंगाल में,कमल पुष्प का उदय हुआ है, अबकी पश्चिम बंगाल में।बांग्लादेशी घुसपैठियों रोहिंग्याओं
Read Moreलिए नया रंगरूप पुरस्कृत नई ही चुनावी खीर,चुनावी नतीजे और आई राज्यों की नई तस्वीर,देश में कहीं जश्न कहीं बट
Read Moreचुनाव में कोई हारा है और कोई है जीता,लोकतंत्र की आहुति में योगदान दें सीखा।झालमुड़ी का ‘करिश्मा’ नहीं रहा हैं
Read Moreतुम सहज प्रकृति होजीने की महज़ आकृति हो हिमालय की गोद से मचलती मस्त पवन निर्मल ।नभ के गर्भ से
Read Moreमै बरसों से लिख रही हूँमगर अभी तक मुझे,वो नही मिला जिसकीकब से तलाश है? रह – रहकर मै खुद
Read Moreहाँ बेटा, मैं तुझे अंधेरे से बचाना चाहता हूँ,जीवन के कुछ मूल सूत्र समझाना चाहता हूँ। ये सही है, मेरा
Read Moreनन्हे हाथों में हरियाली,जैसे धरती का उपहार,छोटा-सा मन, बड़ी खुशी,आँखों में सारा संसार। कदम-कदम पर चलता जाए,सपनों की है राह,कभी
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