कुएँ बावड़ी रो रहे, सूखे सब जलस्रोत
बूँद-बूँद से सिंधु है, बूँदों से संसार।जल बिन सूना ये जगत, जल से ही उद्धार॥ सूखे नद-नाले सभी, प्यासा हुआ
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Read Moreविद्यालयों में अध्यापकों के मोबाइल फ़ोन उपयोग को लेकर एक बार फिर बहस तेज़ हो गई है। कहीं नए आदेश
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