तालियों से सन्नाटे तक
सत्ता के शिखरों पर जो दीपक जलते थे,आज वही धुएँ में अपने निशान ढूँढ़ते हैं।भीड़ की तालियों से “गूँजते” थे
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Read Moreकिसी भी समाज का भविष्य बच्चों की आँखों में बसता है। जब उन आँखों के सपने स्कूल की चौखट तक पहुँचने
Read Moreभारत ने रक्षा और विमानन क्षेत्र में एक ऐसी उपलब्धि हासिल की है, जिसे आने वाले वर्षों में देश की औद्योगिक
Read Moreमानव जीवन केवल शरीर तक सीमित नहीं है; उसमें मन, बुद्धि, भावनाएँ और आत्मा का भी समावेश है। यदि मनुष्य
Read Moreभीड़ में मैं हूँ खड़ा, फिर भी अकेलापन सालता है। चेहरे हज़ारों पास मेरे, आँख से आँख फिर भी अजनबी,
Read Moreएक भारत ऐसा हो,जहां सबका न्याय हो,हर वस्तु की कीमत हो,मनुष्य हो या जीव हो,एक भारत ऐसा हो, देश के
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