कविता

मुस्कुराता बचपन

बच्चों को खुलकर खिलखिलाने दो,उनमें “आनंद” भाव जमकर रमने दो,दौड़ता-कूदता, उछलता-खेलता,मुस्कुराता बचपन अच्छा लगता है । बारिश की बूॅंदों संग

Read More
कविता

पर्यावरण संरक्षण

जरुरत है आज संरक्षण कीहम सबके लिए ,पर्यावरण केसबको मिलकर अपने आप के लिए। बंद कीजिए अब पेड़ काटना प्रदूषण फैलाना,वरना कल मांगेंगे भीख हमअपने

Read More
सामाजिक

गरीब मरीज पूछ रहा है— क्या मेरा जीवन इतना सस्ता है?

स्वास्थ्य व्यवस्था की असली परीक्षा अस्पतालों की इमारतों से नहीं, मरीज को समय पर मिलने वाले उपचार से होती है।

Read More