पत्थर हूँ मैं
इंसान नज़र आता बंजर हूँ मैंठोकरों से देखो बना पत्थर हूँ मैं टूटे एहसास,टूटे ख्वाब-ख्वाहिशेंमेरी खुशियों के महल , इमारतेंतिरस्कार
Read Moreइंसान नज़र आता बंजर हूँ मैंठोकरों से देखो बना पत्थर हूँ मैं टूटे एहसास,टूटे ख्वाब-ख्वाहिशेंमेरी खुशियों के महल , इमारतेंतिरस्कार
Read Moreजाता वक़्त कह रहा हमसे मन की गांठे खोलो प्रिय।दुर्भावना मिटा कर सारी मन को मन से जोड़ो प्रिय। चुक
Read Moreपारस्परिक विचार- विमर्श से हीसम्बन्धों की प्रगाढ़ता बढ़ती हैवर्ना आप ही बताओ एक हाथ सेक्या ताली कभी भी बजती है।।
Read Moreकितना कठिन यही है जीवन, कांटों भरा बिछौना है।संघर्ष कहो,कहो साधना, नहीं चैन से सोना है।करें सदा ही जीवन में
Read Moreगुमसुम – गुमसुम चुप्पी ओढ़े बीत रहे हैं दिनहर अभाव के नोक – झोंक में चुभते हैं दुर्दिन कैद हवा
Read Moreसबकी जरूरत से ज्यादा परवाह की,अपनी चाहतों की एक धार बलि दी,परवाह मुझ पर बहुत ज्यादा हावी हो गई,जिंदगी की
Read Moreनिर्धन बेटी पदवी पाए तो कहलाए लोहड़ी।उदय सूरज की पगडंडी लेकर आए लोहड़ी। सुख स्मृति आनंद अवस्था शुभ संकल्प बने।वास्तविक
Read Moreघोड़ी सजी दूल्हा नहींबारात के बिन बैंड का क्या? हाथ में चिमटा लिए वीरांगना हैउधर दारू में मगन धुत साजना
Read Moreजुग-जुग जीवे भारत प्यारा सब को साल मुबारक।सागर धरती अम्बर सारा सब को साल मुबारक। देश विदेशों में बैठे मेहनतकार
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