ओ चंदा !
छुप करके बादलों की ओट में देखो तुम मत सताना,ओ चंदा ! सुनो आज तुम थोड़ी जल्दी निकल आना ।
Read Moreइन रावणों के बीच मेंएक राम को आराम कब है! भ्रष्ट नेता त्रस्त जनताअँधियाँ उड़ते बगूलेचाहिए आधा कमीशनक्यों न महँगाई
Read Moreअंधकार में युवा शौर्य के, दीप जलाते हैं।देशभक्ति के मधुर तराने, नित वे गाते हैं।। चंद्रगुप्त की धरती है यह,
Read Moreराजहंस पांखें फैलाओ ,लहर यहां भी आएगीनमी,जमीं पर थिरक रहीहरियल गीत सुनाएगी। जरा मृदा की खिड़की खोलोगर्भ -नीर अकुलाते हैंभीतर
Read Moreअखिल विश्व की पीड़ा हर लो नारी तुम, देवी शक्ति हो, खुद से खुद को जाग्रत कर लो। देवीय गुणों
Read Moreजीवन पीछे छूट गया है मन मीत अब रूठ गया है। जीवन पीछे छूट गया है।। नहीं, चाव अब मिलने
Read Moreसाकार देवी का पूजन © डा.संतोष गौड़ राष्ट्रप्रेमी नारी का योगदान स्वीकारें, सुक्खों से निज झोली भर लें। प्रतीकों को
Read Moreकदम बढ़ायें चलते जाएँ रुकने का क्या कामसुबह भी आएगी राहों में कब तक रहेगी शाम गढ़ते आये स्वप्न सलोने
Read Moreइतिहास से मुक्त होकर, पगडंडियों से जरा हटकर,कुदृष्टियों और उपदेशों को, पीछे छोड़,परिणामों से जरा संभलकर वर्तमान के साथ चलें।ले
Read Moreहाथी, घोड़ा और पालकीजय हो श्रीअग्रसेन महाराज की। लगभग ५१०० वर्ष पूर्व वे जन्मेअग्रोहा रही उनकी राजधानीअभी भी तमाम साक्ष्य
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