नई भोर का स्वागतम्
मिटे सभी की दूरियाँ, रहे न अब तकरार।नया साल जोड़े रहे, सभी दिलों के तार।। बाँट रहे शुभकामना, मंगल हो
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Read Moreपीते जो एक घाट पर, शेर और बकरी पानी,बकरी खा लेती घास, शेर की जान थी जानी।भूखा रहकर कैसे रहता,
Read Moreमन जिसका साफ रहे, रहते उच्च विचार,उस इंसान के होते हैं सपने सब साकार। राग-द्वेष से रहे जो दूर, सबकी
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