तेरा साथ
इन हाथों में तेरा हाथ चाहती हूंजिंदगी में तेरा साथ चाहती हूंथक गई हूं सफर अकेले करते-करतेअब तो कदम कदम
Read Moreगुजार दी सारी ज़िन्दगानी,बनकर जोगन दीवानी!मैं तो गली गली गाऊं,तेरी कहानी मेरी जुबानी !! मुझको तो मिला विष का प्याला!उनको
Read Moreएक दिन वह गांव का घर भी छूट जाएगावह शहर का घर भी नहीं बचा पायेगाजाना तो पड़ेगा अकेले उस
Read Moreशिक्षा चक्र पिरामिडशिक्षाशिक्षा है विकास का साधन,साधन से ही साध्य है मिलता,मिलता शिक्षक से है ज्ञान,ज्ञान से बन जाते हैं
Read Moreजीवन का असल मूल्य मोह माया से नहीं पहचाना जाता,यह तो अच्छे कर्मों से हर पल सजाया जाता।जो बाँट सके
Read Moreबहुत ढूंढा कहीं मिला ही नहींवह पत्थर जिस पे सर रखकरकभी अर्पित कर सकतीअपनी मासूम इच्छाएं सौंप देती अपने सारे
Read Moreतम की तंद्रा टूटी, नील निशा मुस्काई,बंदीगृह के घोर तम में कृष्ण-ज्योति आई।जैसे सूनी धरती पर सावन-ऋतु छाई,वैसे मानव-मन में
Read Moreहर पल उनका इंतज़ार करते थे,उनकी हर आदतों पर मरते थे,वो हर बात जुबां से नहीं,अपनी निगाहों से करते थे।
Read Moreसफलताकिसी संयोग की देन नहीं,वह उगती हैआशा की उर्वर भूमि पर। आशा-जो थाम लेती हैडगमगाते विश्वास का हाथ,और कहती है,चलो,
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