कविता – राह दिखाने वाले बहुत मिलेंगे,पर चलना स्वयं पड़ेगा
परिवार ने स्नेह दिया,तो मित्रों ने हौसला बढ़ाया,शिक्षक ने ज्ञान का दीप जलाकर,जीवन-पथ समझाया।समाज ने अपने अनुभवों से,कितने सबक सिखाए,बुजुर्गों
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Read Moreआखिरी दोस्तआखिरी उम्मीद हो तुम।जीवन के अंतिम अध्याय कीअंतिम कड़ी हो तुम।मोह का पाश नहींस्नेह का अंतिम चरण हो तुम।मेरे
Read Moreबहन ही होती हैभाई की बुराई कभी नहीं करतीऔर न सुन सकती हैअपमान भरे शब्दअभावग्रस्त भाई सेकुछ आशा भी नहीं
Read Moreसतगुरु भाणे में शिष्य का हित छिपा होता है,हर हुक्म में प्रेम का अमृत घुला होता है।जो सिर झुकाकर गुरु
Read Moreअंधेरे रास्तों पर जब भरम का जाल होता है,वहां चेतना का हर एक सवाल बेहाल होता है,दुआओं के भरोसे जो
Read Moreजो असहाय हैंजो अभावों में हैंकिसी की जरूरतों मेंकभी काम न आ सकेफिर भी मदद का हौंसला रहापर कर न
Read Moreयूँ ही अचानक एकाकीपन में,आज फिर उपस्थिति हुई तुम्हारी,सहरा में जैसे सुमन खिल गया हो,खुशी से आंखें हो गईं नम
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