धागों का यह बंधन न टूटे अटल रहे
राखी भाई बहन के प्यार का अनूठा है बंधनजो बड़ी धूमधाम से हर वर्ष मनाया है जाताबहुत दूर भी रहते
Read Moreराखी भाई बहन के प्यार का अनूठा है बंधनजो बड़ी धूमधाम से हर वर्ष मनाया है जाताबहुत दूर भी रहते
Read Moreन जेब में सिक्कों की खनक, न नोटों की कोई कतार,मोबाइल उठाया, पिन लगाया, पल में हुआ कारोबार।दस वर्ष पहले
Read Moreभाई को कुंकुम तिलक लगा, करें बहन मनुहार,प्रेम डोर से सजी कलाई, राखी का त्योहार ।संजोए प्यारी सी स्मृतियॉं, बूॅंदों
Read Moreजब अपनों की आड़ में, मिले सदा संताप,ऐसे रिश्ते टूटना, बेहतर है चुपचाप।बेहतर है चुपचाप, जहाँ सम्मान न मिलता,मीठे बोलों
Read Moreएक ढलती संध्या, दर्पण किया साफ़,उसने कहा, “देर से ही सही, आ गई पास।आई हो अब, जब घिर आई है
Read Moreमेरे इन प्यासी पलकों परख्वाब सुनहरे किसके हैं?क्या वही हैं, जिनकी ख़ातिरहम रात-रात भर सिसके हैं? एक क्षण कभी ऐसा
Read Moreएक बुढ़ी माँदेर रात तकसब्जी का एक टोकरा लिएमोहल्ले के बीचकाफी देर तक बैठी रहीगांव से लायी थीकरेमुआ सब्जीहरी-हरी पत्तों
Read Moreअब बता भी दे जरा,और क्या चाहती है तू मुझसे,तंग आ चुका हूं तुझसे,विवाहोपरांत मेरी पत्नी,क्लोज नहीं हो पायी उतनी,उतना
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